बिहार कैबिनेट … जाति की गणना पर सटीक बैठी गणित .…हर वर्ग को साधने की NDA की कोशिश
सम्राट चौधरी के मंत्रिमंडल में निशांत बने मंत्री ...विजय सिंहा को भी मिला स्थान

बिहार की राजनीति में एक बार फिर जातीय गणित सबसे बड़ा फैक्टर बनकर उभरा है।
मंत्रिमंडल विस्तार में चेहरों के चयन से साफ संकेत मिला है कि सामाजिक समीकरण साधने की कवायद पूरी रणनीति के साथ की गई है।
सबसे ज्यादा चर्चा में रही निशांत कुमार की एंट्री, जिन्होंने पहली बार सत्ता के केंद्र में औपचारिक कदम रखा। वहीं, भाजपा के दिग्गज नेता मंगल पांडेय का मंत्रिमंडल से बाहर होना राजनीतिक गलियारों में बड़ी चर्चा का विषय बना हुआ है।
भाजपा ने ओबीसी, ईबीसी, दलित, ब्राह्मण, भूमिहार, राजपूत और वैश्य वर्गों को प्रतिनिधित्व देकर व्यापक सामाजिक संतुलन साधने की कोशिश की है।
वहीं जदयू ने भी कुर्मी, दलित, अति पिछड़ा, अल्पसंख्यक और महिला प्रतिनिधित्व पर जोर देकर अपना कोर वोट बैंक मजबूत करने का संदेश दिया है।
कुल मिलाकर, संदेश साफ है—
बिहार में सत्ता की राजनीति का रास्ता अब भी जातीय समीकरणों से होकर ही गुजरता है… और 2027 की तैयारी अभी से शुरू हो चुकी है।

भाजपा
1.राम कृपाल यादव – OBC
2.केदार गुप्ता – कानू/ EBC
3.नीतीश मिश्रा – ब्राह्मण
4.मिथलेश तिवारी – ब्राह्मण
5.रमा निषाद – EBC / मल्लाह
6.विजय कुमार सिन्हा – भूमिहार
7.दिलीप जायसवाल – EBC
8.प्रमोद चंद्रवंशी – EBC
9.लखेन्द्र पासवान – दलित
10.संजय टाइगर- राजपूत
11.इंजीनियर कुमार शैलेन्द्र- भूमिहार
12.नंद किशोर राम- दलित
13.रामचंद्र प्रसाद – वैश्य/ OBC
14. अरुण शंकर प्रसाद – सूढ़ी/ EBC
15. श्रेयसी सिंह- राजपूत
जदयू
1. निशांत कुमार- कुर्मी/ OBC
2. श्रवण कुमार – कुर्मी/ OBC
3. अशोक चौधरी- दलित
4. लेसी सिंह- राजपूत
5. मदन सहनी- मल्लाह/ EBC
6. सुनील कुमार- दलित
7. जमा खान- अल्पसंख्यक
8. भगवान सिंह कुशवाहा- कोइरी/ OBC
9. शीला मंडल- धानुक / EBC
10. दामोदर राउत – धानुक/ EBC
11. बुलो मंडल- गंगोता/ EBC
12. रत्नेश सदा- दलित
13. श्वेता गुप्ता- बनिया
लोजपा (आर)
1. संजय पासवान- दलित
2. संजय सिंह – राजपूत
हम-से
1. संतोष मांझी- दलित
1. रालोमो
दीपक प्रकाश – कुशवाहा


