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मुंबई के क्रिकेटर रघु शर्मा की कहानी …संघर्ष से तपकर बना क्रिकेटर अब सब जगह हो रही है “राम” चर्चा !

जिंदगी के थपेड़ों को बनाकर हथियार "रघु" ने रचा इतिहास

मुंबई के लेग स्पिनर रघु पहले इरफान पठान की अकादमी में कोच थे…..जी हां….रघु शर्मा शायद इकलौते ही ऐसे प्लेयर होंगे जो कोच थे और अब टी 20 लीग में बतौर स्पिनर खेल रहे हैं।

ये कहानी है एक ऐसे क्रिकेटर की, जिसने हाथ में ‘जय श्रीराम’ लिखी पर्ची लेकर 15 साल का दर्द पूरी दुनिया के सामने रख दिया? ये कहानी है मुंबई इंडियंस के जांबाज लेग स्पिनर रघु शर्मा की!”

IPL 2026, लखनऊ और मुंबई का मैच। जैसे ही रघु शर्मा ने अपना पहला आईपीएल विकेट लिया, उन्होंने अपनी जेब से एक पर्ची निकाली। उस पर लिखा था— ‘राधे राधे। बेहद दर्दभरे 15 साल आज गुरुदेव की कृपा से खत्म हुए।’ ये सिर्फ एक जश्न नहीं था, उन आंसुओं का जवाब था जो 15 सालों से किसी ने नहीं देखे थे।

रघु का सफर 1993 में पंजाब के जालंधर से शुरू हुआ। आपको जानकर हैरानी होगी कि उन्होंने 18 साल की उम्र तक क्रिकेट को गंभीरता से लिया ही नहीं था। शुरुआत में वो एक तेज गेंदबाज थे, लेकिन एक हैमस्ट्रिंग चोट ने उनका करियर लगभग खत्म कर दिया।

पर हार मानना रघु के खून में नहीं था। उन्होंने महान शेन वॉर्न के वीडियो देख-देखकर खुद को एक लेग स्पिनर के रूप में फिर से तैयार किया।

25 साल की उम्र में, जब खिलाड़ी अपने पीक पर होते हैं, रघु को सिस्टम ने जवाब दे दिया कि ‘अब बहुत देर हो चुकी है’। पंजाब और पुडुचेरी से खेलने के बाद भी उन्हें वो पहचान नहीं मिली जिसके वो हकदार थे।

हालात ऐसे हुए कि उन्हें गेंदबाजी छोड़कर कोचिंग करनी पड़ी। वो इरफान पठान की क्रिकेट एकेडमी (CAP) में कोच बन गए। लेकिन दिल के किसी कोने में खिलाड़ी अब भी जिंदा था।

रघु ने हिम्मत जुटाई और श्रीलंका के गाले क्लब और इंग्लैंड में जाकर क्रिकेट खेला। वहां उनकी मुलाकात दिग्गज इमरान ताहिर से हुई, जिन्होंने उनकी गेंदबाजी की धार बदल दी।

जो रघु शर्मा 2015 में मुंबई इंडियंस के सिर्फ एक ‘नेट गेंदबाज’ थे, 10 साल बाद 2025 में उसी टीम ने उन्हें एक रिप्लेसमेंट खिलाड़ी के तौर पर बुलाया। और 2026 में वो मौका आया जिसका उन्हें 15 साल से इंतजार था।

आज रघु शर्मा का फर्स्ट क्लास रिकॉर्ड गवाह है कि उनमें टैलेंट की कमी कभी नहीं थी—12 मैचों में 57 विकेट! लेकिन उनकी असली ताकत उनकी उम्र नहीं, बल्कि उनका धैर्य है।

रघु की कहानी हमें सिखाती है: कि अगर आपके पास अनुशासन है, खुद पर विश्वास है और आप मेहनत करना नहीं छोड़ते, तो भगवान भी आपके लिए रास्ता बना ही देता है। रघु शर्मा उन हजारों युवाओं के लिए उम्मीद हैं जिन्हें लगता है कि उम्र निकल गई है।

याद रखिए, जब तक विश्वास बचा है, तब तक खेल अभी बाकी है! सलाम है रघु शर्मा के इस जज्बे को! #RaghuSharma #MumbaiIndiansFans #cricket #ipl #ipl2026

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