दिल्ली _बुराड़ी में सीएम रेखा गुप्ता का औचक निरीक्षण, डीटीओ कार्यालय में अव्यवस्था पर सख्त नाराजगी, मूलभूत सुविधाएं तुरंत बहाल करने के निर्देश

ट्रांसपोर्ट सिस्टम को विश्वस्तरीय बनाएगी सरकार, बुराड़ी में नए एटीएस में हर साल जांचे जाएंगे 90 हजार कमर्शियल वाहन
डीटीओ ऑफिस के बाहर कतारें देख अधिकारियों को लगाई फटकार, बुनियादी सुविधाएं तुरंत सुधारने के आदेश
दिल्ली को मिलेगा ‘मॉडल परिवहन सेवा केंद्र’, पुराने परिसरों के पुनर्विकास के लिए बनेगा मास्टर प्लान: सीएम रेखा गुप्ता
नई दिल्ली, 2 जून 2026
दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने मंगलवार को परिवहन विभाग से संबंधित विभिन्न स्थलों का व्यापक निरीक्षण कर नागरिक सुविधाओं, बुनियादी ढांचे और सेवा गुणवत्ता का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने निर्माणाधीन ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन, जिला परिवहन कार्यालय, वाहन निरीक्षण इकाई और हेवी मोटर व्हीकल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट का दौरा किया। इस अवसर पर उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को व्यवस्थाओं में व्यापक सुधार के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार का उद्देश्य केवल सरकारी भवनों का निर्माण करना नहीं, बल्कि ऐसी व्यवस्थाएं विकसित करना है जो नागरिकों को सम्मानजनक, पारदर्शी और सुविधाजनक सेवाएं प्रदान करें। परिवहन विभाग से प्रतिदिन हजारों नागरिक जुड़े होते हैं इसलिए यहां की प्रत्येक सुविधा नागरिक-केंद्रित होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन एटीएस परियोजना का किया निरीक्षण
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सबसे पहले निर्माणाधीन ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन परियोजना का निरीक्षण किया और अधिकारियों से निर्माण कार्य की प्रगति की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। अधिकारियों ने बताया कि नए स्टेशन में एक समय में 5 वाहनों की जांच की जा सकेगी और प्रतिवर्ष 80 से 90 हजार व्यावसायिक वाहनों की फिटनेस जांच की क्षमता विकसित होगी। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने परियोजना के डिजाइन, क्षमता, जल निकासी व्यवस्था और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विस्तार की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए तथा इसे निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए।
मुख्यमंत्री ने रेन वॉटर हार्वेस्टिंग की आवश्यकता पर विशेष बल देते हुए कहा कि इतने बड़े परिसर में वर्षा जल के संरक्षण की समुचित व्यवस्था अनिवार्य रूप से विकसित की जानी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जल निकासी की पारंपरिक व्यवस्था के बजाय अधिकतम वर्षा जल को भूजल पुनर्भरण के लिए उपयोग में लाया जाए।
डीटीओ कार्यालय में अव्यवस्थाओं पर जताई नाराजगी
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने डीटीओ कार्यालय का भी दौरा किया और ड्राइविंग लाइसेंस परीक्षण के लिए आए नागरिकों से सीधे संवाद किया। बातचीत के दौरान अनेक लोगों ने बताया कि उन्हें लंबे समय तक भवन के बाहर प्रतीक्षा करनी पड़ती है। बैठने की पर्याप्त व्यवस्था, साफ पीने का पानी और अन्य मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों और सुरक्षाकर्मियों को कड़ी फटकार लगाते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी नागरिक को अनावश्यक रूप से भवन के बाहर प्रतीक्षा करने के लिए बाध्य न किया जाए। उन्होंने तत्काल प्रभाव से सभी आवेदकों को भवन के भीतर बैठने की सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जो नागरिक सरकारी सेवाएं प्राप्त करने आते हैं, वे सम्मानजनक व्यवहार और बेहतर सुविधाओं के अधिकारी हैं। सरकारी सेवाओं के लिए आने वाले लोगों को भीषण गर्मी में बुनियादी सुविधाओं के अभाव में प्रतीक्षा करवाना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पर्याप्त क्षमता वाला आधुनिक प्रतीक्षालय विकसित किया जाए, जहां बैठने की समुचित व्यवस्था, पीने के साफ एवं ठंडे पानी, पंखे, कूलर, स्वच्छ शौचालय और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हों।
पुराने परिसरों के पुनर्विकास की तैयारी, बनेगा समग्र मास्टर प्लान
डीटीओ परिसर की स्थिति का निरीक्षण करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल मरम्मत पर्याप्त नहीं होगी, बल्कि आवश्यकता पड़ने पर संपूर्ण परिसर के पुनर्विकास की दिशा में कार्य किया जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पूरे परिसर का एक समग्र पुनर्विकास प्लान तैयार किया जाए, जिसमें नागरिक सुविधाएं, पार्किंग, हरित क्षेत्र, प्रशासनिक कार्यालय, प्रशिक्षण सुविधाएं और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए आधुनिक बुनियादी ढांचे का विकास किया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि इतने बड़े परिसर का अधिकतम और बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जाना चाहिए तथा इसे एक मॉडल परिवहन सेवा केंद्र के रूप में विकसित किया जाना चाहिए।
वाहन निरीक्षण प्रणाली को आधुनिक तकनीक से किया जाएगा अपग्रेड
मुख्यमंत्री ने वर्तमान वाहन निरीक्षण इकाई का भी निरीक्षण किया। उन्होंने पाया कि इकाई कार्यरत है, लेकिन वहां उपयोग की जा रही कई संरचनाएं और सुविधाएं काफी पुरानी हो चुकी हैं। इस पर उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वाहन निरीक्षण प्रणाली को नवीनतम तकनीकों के अनुरूप उन्नत किया जाए ताकि फिटनेस परीक्षण अधिक वैज्ञानिक, पारदर्शी और प्रभावी बन सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक तकनीक आधारित परीक्षण व्यवस्था सड़क सुरक्षा को और मजबूत करेगी और नागरिकों का विश्वास भी बढ़ाएगी।
हेवी मोटर व्हीकल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में प्रशिक्षुओं से संवाद
इसके बाद मुख्यमंत्री ने हेवी मोटर व्हीकल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट का दौरा किया। उन्होंने ड्राइविंग सिमुलेशन कक्ष, तकनीकी प्रशिक्षण प्रयोगशालाओं, इंजन एवं वाहन प्रणाली प्रशिक्षण कक्षों तथा कक्षाओं का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षकों और प्रशिक्षुओं से संवाद कर प्रशिक्षण प्रक्रियाओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे युवाओं और चालकों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि कुशल, अनुशासित और जिम्मेदार चालक सड़क सुरक्षा की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं। उन्होंने संस्थान में उपलब्ध सिमुलेशन आधारित प्रशिक्षण प्रणाली की सराहना करते हुए सुझाव दिया कि प्रशिक्षण की गुणवत्ता और परिणामों का समय-समय पर स्वतंत्र मूल्यांकन भी किया जाए ताकि प्रशिक्षित चालकों की दक्षता को और बेहतर बनाया जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार परिवहन क्षेत्र में व्यापक सुधारों के लिए प्रतिबद्ध है। आधुनिक परीक्षण केंद्र, बेहतर प्रशिक्षण संस्थान, नागरिक-अनुकूल कार्यालय और तकनीक आधारित सेवाएं इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। दिल्ली के नागरिकों को ऐसी परिवहन सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी जो पारदर्शी, सुविधाजनक, सुरक्षित और विश्वस्तरीय हों। निरीक्षण के दौरान दिए गए सभी निर्देशों पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी और प्रत्येक सुविधा को नागरिकों की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित किया जाएगा।



