पंजाब सरकार का किसानों को बड़ा तोहफा, KCC व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव। गेहूं किसानों की क्रेडिट सीमा बढ़कर ₹30,000 प्रति एकड़ हुई।
पराली प्रबंधन के लिए पहली बार ₹2,000 प्रति एकड़ का प्रावधान। गन्ना किसानों को बड़ी राहत, KCC सीमा बढ़कर ₹1 लाख प्रति एकड़।

चंडीगढ़ से बड़ी खबर।
बागवानी और सब्जी फसलों के लिए क्रेडिट सीमा ₹1.57 लाख प्रति एकड़ तक बढ़ी।
ड्रैगन फ्रूट, बांस, पॉपलर और लेमनग्रास पहली बार KCC में शामिल।
अब 6 साल के लिए मिलेगी KCC मंजूरी, हर साल बढ़ेगी क्रेडिट लिमिट।
KCC व्यवस्था पूरी तरह डिजिटल, ATM और UPI से आसान निकासी।
पंजाब सरकार ने किसानों के लिए किसान क्रेडिट कार्ड यानी केसीसी व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने 26 साल पुरानी व्यवस्था को डिजिटल स्वरूप देते हुए कई अहम फैसलों की घोषणा की है।
नई व्यवस्था के तहत गेहूं की फसल के लिए क्रेडिट सीमा 24 हजार 380 रुपये से बढ़ाकर 30 हजार रुपये प्रति एकड़ कर दी गई है। वहीं पराली प्रबंधन के लिए पहली बार दो हजार रुपये प्रति एकड़ का अलग प्रावधान किया गया है।
गन्ना किसानों को भी बड़ी राहत मिली है। उनके लिए क्रेडिट सीमा बढ़ाकर एक लाख रुपये प्रति एकड़ कर दी गई है। सब्जियों और बागवानी फसलों के लिए यह सीमा 32 हजार रुपये से बढ़ाकर एक लाख 57 हजार रुपये प्रति एकड़ तक कर दी गई है।
इसके अलावा ड्रैगन फ्रूट, बांस, पॉपलर और लेमनग्रास जैसी फसलों को पहली बार केसीसी के दायरे में शामिल किया गया है। किसानों को अब छह साल के लिए केसीसी मंजूरी मिलेगी और उनकी क्रेडिट लिमिट हर साल बढ़ेगी।
सरकार ने पूरी प्रक्रिया को डिजिटल बना दिया है, जिससे किसान एटीएम, यूपीआई और डिजिटल बैंकिंग के जरिए आसानी से अपने पैसे निकाल सकेंगे। पंजाब सरकार का कहना है कि इन फैसलों से किसानों को अधिक वित्तीय सहायता और बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।



